बसंत पंचमी को ही क्यो-सरस्वती पूजा?

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बसंत पंचमी को ही क्यो-सरस्वती पूजा!

Shristva Niranjan
बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती की सरंचना हुई थी मां सरस्वतीॅ एक ऐसी देवी जिनके चार हाथ एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला और चैथा हाथ आर्शीवाद अवस्था में हो।
ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती सेे वीणा बजाने को कहा, इससे संसार में मौजूद सभी चीज में आवाज आ गया. अतः ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती को वाणी की देवी नाम दिया. तभी से मां सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला की देवी कहा जाता है

पूजन विधी

1. सर्वप्रथम माॅ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करे।
2. फिर कलश स्थापित करे और भगवान गणेश का ध्यान करें.
3. हरेक पूजा से पहले सबसे पहले आचमन करे और जल अर्पित करे।
4. रंग पीले वाले फूल कि माला एंव सफेद वस्त्र चढाए फिर पूरा श्रृंगार करें. लड़के सिन्दुर ना चढाए।
5. चरणों पर अबिर चढाए।
6. फलों के साथ-साथ बूंदी चढ़ाएं.
7. भजन किर्तन करे।
8. पूजा के समय पुस्तकें या फिर वाद्ययंत्रों का भी पूजन करें.
9. बसंत पंचमी के दिन अगर आप हवन करें तो सरस्वती माता के लिए ओम श्री सरस्वत्यै नमः स्वहा। मंत्र का 108 बार जाप करें।

 

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