मंदीर – मस्जिद् के चक्कर में न आएॅं जनता – जिग्नेश मेवाणी

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Senior Journalist:ajay pandey

मंदीर – मस्जिद् के बहकावे में न आएॅं युवा साथी – जिग्नेश मेवाणी
अजय कुमार पाण्डेय
नई दिल्लीः प्रेस क्लब पहुॅंचने पर चर्चित नेता जिग्नेश मेवाणी से जब विभिन्न मुद्वों पर सवाल पूछा तो जवाब देते हुए कहा कि मंदीर – मस्जिद् बकवास हैं। देश के युवा साथी मंदीर . मस्जिद् के चक्कर में न आएॅं जनता ं। नौकरी, बढ़ते महॅंगंाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेट्रौल, डीजल के दामों पर मोदी जी बातें करेे? 2016- 2018 के दौरान लगभग 2600 स्टुडेंटस को सुसाईड करना पडा़? दलित् छात्र, आदिवासी छात्र, माईनारिटी स्टुडेंटस के छात्र आज भी एजुकेशनल इंस्टीच्यूट में, काॅंलेज में, डिस्क्रीमेशन हो रहा है? उसको खत्म करने के लिए एक्ट लागू क्यों नही हो रहा है? मोदी जी पर प्रहार करतेे हुए कहा कि वो मंगल ग्रह से आए हैं क्या? उनका पाॅंलिटिकल कैरियर तो अब साढे़ तीन महिना ही बचा है। लोकसभा चुनाव के बाद रामजी का मंदीर पकड़कर डंडा बजाएॅंगे। कुछ काम नही रहेगा या फिर आर0 एस0 एस0 के लिए झुठ बोलेंगे। सवाल मोदी – फोदी नही है। सवाल ये है कि रोजगार के मुद्वे पर असली सवाल खडा़ करना चाहिए। रोजगार के मुद्वे पर बात हो। पत्रकारों ने जब पूछा कि युवाओं का मुद्वा आपके लिए सिर्फ लोकसभा चुनाव भर ही होंगे? या बीजेपी से हटकर गर्वनमेंट आएगी तो क्या रोजगार के लिए आपके पास कोई प्लान है, तब कहा उनको पूछिए मैं तो बेरोजगार मुद्वे पर घेरेंगे कि मोदी ने तो दो करोड़ लोगों को रोजगार नही दिया। चैबीस लाख पोस्ट सेंक्शन है। आज देश मे बेरोजगारी एक समस्या बन गई है। जब पूछा कि आप देश के अंदर घुमें हैं क्या? तब कहा कि घुम ही रहे हैं 33 राज्य में घुमें हैं। देश के अंदर सब जगह युवा साथियों का यही डिमांड है कि रोजगार कहाॅं है भाई? रोजगार नही है तभी तो कुंभ मेला हो रहा है। जब पूछा गया कि कुछ दिन पहले दिल्ली में हिन्दु महासभा का मार्च हुआ था जिसमें युवाओं का कहना था कि हमें रोजगार नही मंदीर दो। तब कहा कि हम तो बाबा साहब के संविधान को भी मानते हैं। आर्टिकल 14, 19, 21 सब पर मानते हैं। उनको छूट है। जिनको मंदीर का घंटा बजाना है मंदीर का घंटा बजाएॅं, जिनको रोजगार चाहिए वो हमारे पास आएॅं। बेरोजगारी के सवाल पर आपको, मुझको हम सबको बोलना पडे़गा। उनको कहना पडे़गा कि नरेगा को रिपेयर करो। सौ दिन के बजाए दो सौ, तीन सौ दिन करो। 76 हजार करोड़ का वहाॅं पर बजट नही है। पुरा स्कीम को मोदी जी ने खत्म कर दिया। कल और कोई सरकार पाॅंवर में आए वो भी कुछ न करे तो उनको भी घेरना पडे़गा। मोदी जी द्वारा हाल में ही स्वर्णों को 10 प्रतिशत् आरक्षण दिए जाने के मुद्वे पर सवाल पूछा गया तो कहा कि मोदी जी का लाॅंलीपाॅंप है। जब पूछा कि किनके लिए तो कहा कि जिनको दिया उनके लिए। कहा कि जिनको कोटा का लाॅंलीपाॅंप मोदी जी ने दिया है उनके लिए और दूसरा जिनको आदिवासी, दलित, ओ0बी0सी0 तबकों को संविधान के जरिए आरक्षण मिला हुआ है। दोनों को इस 2019 चुनाव के मौके पर दो करोड़ रोजगार की बात करनी चाहिए। जब रोजगार ही नही होंगे तो लोग आरक्षण का सर्टिफिकेट लेकर ही क्या करेंगे? असली मुद्वे से ध्यान भटकाने के लिए मोदी जी ने अपनी चुनावी राजनिति के लिए यह लाॅंलीपाॅंप है। आज देश के अंदर मिड डे मील वर्कर, आशा कर्मी, हेल्थ वर्कस को काॅंट्रैक्ट पर काम कर आउट सोर्सिंग, मल्टी पर्पस काम करना पड़ता है। त्रट्ण माफी योजना पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश के अंदर पूॅंजीपतियों के त्रट्ण माफ किए जाते हैं परंतु स्टुडेंट का नही। अंत् में कहा कि बेरोजगारी के मुद्वे पर मेरी लडा़ई किसी भी सरकार से जारी रहेगी।

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