बिहार सहित देश के 125 जिलों में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित

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• देश के 125 जिलों में 286 सत्र स्थलों पर हुआ आयोजन
• बिहार के 3 जिलों के 9 सत्र स्थलों पर हुआ मॉक ड्रिल
• देश में 1 लाख से अधिक वैक्सीनेटर हुए प्रशिक्षित
• को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत

पटना/ 3, जनवरी: कोरोना टीकाकरण के सफ़ल क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर शनिवार को देश के राज्य/ केंद्रशासित प्रदेशों के 125 जिलों में 286 सत्र स्थलों पर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। वहीं बिहार के 3 जिलों( जमुई, पटना एवं बेतिया) में कुल 9 सत्र स्थलों पर मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस संबंध में जानकारी दी है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस दौरान देशभर में 1.14 लाख वैक्सीनेटर को कोविड-19 टीकाकरण पर प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ।

कोविड-19 टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन पर दिया गया बल:
कोरोना टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन को लेकर विभिन्न जिलों में आयोजित ड्राई रन यानी मॉक ड्रिल सत्र स्थल के लिए सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों( जिला अस्पताल/मेडिकल कॉलेज), निजी अस्पताल, ग्रामीण एवं शहरी सुदूर क्षेत्रों को शामिल किया गया। ड्राई रन का उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणाली में कोविड-19 टीकाकरण रोल-आउट के लिए निर्धारित तंत्रों का परीक्षण करना और ब्लॉक, जिला और राज्य में योजना, कार्यान्वयन और रिपोर्टिंग के लिए को-विन एप्लिकेशन के उपयोग के परिचालन का आकलन करना था।

सुबह 9 बजे से शुरू हुआ मॉक ड्रिल:
देशभर के सभी राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों ने सुबह 9 बजे से ड्राई रन शुरू किया। ड्राई रन की शुरुआत लाभार्थी डेटा अपलोड, सत्र साइट आवंटन,माइक्रो प्लानिंग, टीका आवंटन, परीक्षण लाभार्थियों के साथ सत्र साइट प्रबंधन एवं रिपोर्टिंग सिस्टम आदि गतिविधियाँ के साथ हुयी। ड्राई रन में आयोजित सभी गतिविधियों का आयोजन वास्तविक टीकाकरण दिवस के संभावित परिणामों के मद्देनजर किया गया। टीकाकरण के बाद होने वाले प्रतिकूल प्रभाव के प्रबन्धन के लिए एडवर्स इवेंट्स फोल्विंग इम्यूनाइजेशन(एईएफआई) का अभ्यास किया गया। साथ ही इससे निपटने के लिए बनाये गए कॉल सेंटर का परीक्षण भी किया गया।

जिलाधिकारियों ने किया सुपरविजन:

ड्राई रन की निगरानी जिला कलेक्टरों द्वारा की गई थी। दिन के दौरान सामने आने वाले मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर डिबेटिंग बैठकों के साथ ड्राई रन समाप्त हुआ। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय अपने अनुभव पर प्रतिक्रिया लेने के लिए पूरे दिन राज्यों के साथ लगातार संपर्क में था। राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने ड्राई रन के सफल आयोजन पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया है जिसमें को-विन सॉफ्टवेयर के परिचालन प्रक्रिया और इसके लिंकेज शामिल हैं।

देशभर में सिरिंज और अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त आपूर्ति :

कोविड-19 टीकाकरण के सफल कार्यान्वयन के लिए कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिरिंज एवं अन्य लॉजिस्टिक्स की पर्याप्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। टीकाकरण स्थलों पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर लगभग 1,14,100 वैक्सीनेटरों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें लाभार्थी सत्यापन, टीकाकरण, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, एईएफआई प्रबंधन और को-विन सॉफ्टवेयर पर जानकारी अपलोड करना शामिल है।

को-विन सॉफ्टवेयर पर 75 लाख से अधिक लाभार्थी पंजीकृत:

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड टीकाकरण के लिए टीके के वास्तविक स्टॉक की जानकारी, इनके भण्डारण तापमान एवं लाभार्थी के ट्रेकिंग के लिए को-विन सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है। यह सॉफ्टवेयर कार्यक्रम प्रबंधकों को पूर्व-पंजीकृत लाभार्थियों के लिए स्वचालित सत्र आवंटन करने में सहयोग करेगा। साथ ही लाभार्थी के सत्यापन एवं वैक्सीन अनुसूची के सफल समापन पर एक डिजिटल प्रमाण पत्र भी उत्पन्न करेगा। को-विन सॉफ्टवेयर पर अब तक 75 लाख से अधिक लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है।

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