कोरोना मरीजों के चलते बन गया था कंटेनमेंट जोन, अब हो गया है मुक्त

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मई से लेकर अगस्त तक में 50 से भी ज्यादा मरीज सुरखीकल से निकले थे

लोगों का जागरूकता अभियान लाया रंग, अब लोग हो गए हैं भयमुक्त

भागलपुर, 10 दिसंबर

तिलकामांझी का सुरखीकल मोहल्ले में काफी रसूखदार लोग रहते हैं. शहर के बेहतर मोहल्लों में गिनती होती है, लेकिन कोरोना काल में यह कंटेनमेंट जोन बन गया था. मई से लेकर अगस्त तक यहां पर 50 से ज्यादा कोरोना के मरीज निकले. 4 महीने तक मोहल्ले में जगह-जगह पर बांस बल्ली लगा रहता था. इस वजह से यहां आने से भी लोगों में भय तह, लेकिन यहां के लोगों ने अपनी जिम्मेदारी को समझा और जागरूकता अभियान चलाया. लोगों को मास्क, ग्लव्स और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया. इसका परिणाम है कि आज मोहल्ला कोरोना मुक्त हो गया है. लोग भयमुक्त माहौल में रहने लगे हैं.

मोहल्ले में चलाया जागरूकता अभियान: मोहल्ले के रहने वाले और बाबा टेंट हाउस चलाने वाले मिहिर कुमार झा कहते हैं कि कोरोना काल में बाहर से इस मोहल्ले में लोग आने से भी डरते थे. एक साथ कई मामले निकल जाने से मोहल्ले को चारों तरफ से सील कर दिया गया था. हर जगह पर बांस वाली लगा हुआ था. यह ऐसी बीमारी है, जिसका 1 दिन में इलाज भी संभव नहीं. इस वजह से हमलोगों ने जागरूकता अभियान चलाया और लोगों को समझाया कि कोरोना से कैसे बचा जा सकता है. इसी का परिणाम आज मिला है.

दुकान पर उसी को सामान दिया जो मास्क पहने रहते थे: मोहल्ले में किराना दुकान चलाने वाले राजेश कुमार कहते हैं कि जब यहां पर कोरोना मरीजों का निकलना शुरू हुआ था तब कोई घर पर आने से भी डरता था. उन्होंने भी अपनी दुकान बंद कर ली थी. फिर 1 दिन सोचा कि आखिर कब तक ऐसे रहेंगे. कुछ तो करना पड़ेगा. वह भी मिहिर जी के साथ जुड़ गए तथा उनके साथ लोगों को जागरूक करने लगे. इसके बाद उन्होंने अपनी दुकान खोली और दुकान पर उसी लोगों को सामान दिया करता था जो मास्क पहने रहते थे और सामाजिक दूरी का पालन करते थे. इसी का परिणाम है कि अब सब कुछ ठीक हो गया है.

पर्व त्यौहार पर भी अपनी जिम्मेदारी को निभाया: मोहल्ले के रहने वाले और रियल एस्टेट से जुड़े राकेश कुमार झा कहते हैं कि कोरोना ना काल में हमलोगों का व्यवसाय तो खत्म हो ही गया था तो सोचा क्यों ना जागरूकता अभियान ही चलाया जाए. आखिर कोरोना खत्म होगा तभी तो हमारा व्यवसाय भी चलेगा. यह सोचकर वह मिहिर जी के साथ जुड़े और सुबह-शाम, पर्व-त्यौहार के मौके पर लोगों को मास्क और हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया. साथ ही सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया.

ग्राहक से कोरोना की गाइडलाइन का करवाते हैं पालन: मोहल्ले में जनरल स्टोर चलाने वाले रूपेश कुमार कहते हैं कि कोरोना ने तो व्यवसाय को चौपट कर ही दिया था. ऐसे में अगर जान भी नहीं बचाते तो क्या करते. घर में तो दिनभर बैठे रहते थे. इससे बेहतर था कि उस समय का कुछ इस्तेमाल किया जाए. वह भी जागरूकता अभियान में जुड़े औरबाकी लोगों के साथ सुबह शाम लोगों को जागरूक करने के साथ मास्क का वितरण करने लगे. अब मोहल्ला कोरोना मुक्त हो गया है. लोगों का आना-जाना भी शुरू हो गया है. सबसे सुखद बात यह है कि हम लोग भी अपनी दुकान फिर से चलाने लगे. दुकान पर आने वाले ग्राहकों से कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाते हैं.

कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
• व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
• बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
• साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
• छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
• उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
• घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
• बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
• आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
• मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
• किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
• कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
• बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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