कोरोना से ठीक हो चुके मरीज भी नहीं रहें लापरवाह

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    शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए करें घरेलू उपाय

    साथ ही कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का करें पालन

    बांका, 23 नवंबर

    मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है. सर्दी का मौसम लगभग आ चुका है और शुरुआत में ही लोग इसकी चपेट में आते हैं. ऐसे में किसी तरह की लापरवाही ठीक नहीं है. कोरोना से बचने के लिए आमलोग तो सावधानी बरतें ही, लेकिन जो लोग ठीक हो चुके हैं वह भी सावधान रहें. लापरवाह रहने पर दोबारा कोरोना की चपेट में आ सकते हैं. इसके लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है. और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय सबसे कारगर है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन का पालन भी करें
    शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि ऐसे मौसम में सर्दी, खांसी और बुखार होने की आशंका रहती है, इसलिए लापरवाही नहीं करें. ऐसे मौसम में लक्षण वाले कोरोना के मरीज काफी मिल रहे हैं जो कि चिंताजनक है. लक्षण वाले मरीजों को बिना लक्षण वाले मरीजों के मुकाबले अधिक परेशानी होती है. जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं, वह भी सावधानी बरतें. दूसरी बार चपेट में आने पर ज्यादा परेशानी हो सकती है.

    रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं: डॉ चौधरी कहते हैं कि कोरोना को हराने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना बहुत जरूरी है. यह घरेलू उपाय के जरिए भी हो सकता है. इसके लिए जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में नींद लें. शरीर को आराम दें और खाने पीने में सतर्क रहें. मौसमी फल, दूध और हरी सब्जी का सेवन करें. साथ ही पानी को उबालकर पीने की कोशिश करें.

    योग और व्यायाम करें: प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सबसे कारगर उपाय है योग और व्यायाम. प्रतिदिन 45 मिनट से 1 घंटे तक योग करने की कोशिश करें. इसके अलावा अन्य शारीरिक कसरत भी कर सकते हैं. अगर आप बाहर निकलते हैं तो सुबह-सुबह कम से कम 45 मिनट तक तेज कदमों से जरूर टहलने की कोशिश करें. इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी.

    कोरोना से ठीक हो चुके मरीज एंटीबॉडी टेस्ट कराएं: डॉ चौधरी कहते हैं कि अगर आप नियमित तौर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं तो ठीक है, नहीं तो आपको नियमित अंतराल पर अपनी एंटीबॉडी टेस्ट करा लेनी चाहिए. इससे आपको पता चल जाएगा कि आपका शरीर कोरोना से लड़ने में कितना सक्षम है. जिस तरह की रिपोर्ट आती है उसके हिसाब से आप सावधानी बरतना शुरू कर दें. कोरोना से ठीक होने के बाद कुछ दिनों तक एंटीबॉडी रहती है, इसके बाद कमजोर पड़ने लगती है. इसलिए नियमित तौर पर एंटीबॉडी टेस्ट करा लें जब तक कोरोना की दवा नहीं निकल जाती है.

    कोविड 19 के दौर में रखें इसका भी ख्याल:
    • व्यक्तिगत स्वच्छता और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें.
    • बार-बार हाथ धोने की आदत डालें.
    • साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें.
    • छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंके.
    • उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंके.
    • घर से निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
    • बातचीत के दौरान फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखें.
    • आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें.
    • मास्क को बार-बार छूने से बचें एवं मास्क को मुँह से हटाकर चेहरे के ऊपर-नीचे न करें
    • किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने या बात-चीत करने के दौरान यह जरूर सुनिश्चित करें कि दोनों मास्क पहने हों
    • कहीं नयी जगह जाने पर सतहों या किसी चीज को छूने से परहेज करें
    • बाहर से घर लौटने पर हाथों के साथ शरीर के खुले अंगों को साबुन एवं पानी से अच्छी तरह साफ करें

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