कोरोना संक्रमण की रोकथाम समाज के सभी लोगों की जिम्मेदारी: डॉ अशोक

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कोविड 19 से बचाव के उचित व्यवहार विषय पर वेबीनार का हुआ आयोजन
वेबीनार को डीआईओ, एसीएमओ व आइसीडीएस डीपीओ ने किया संबोधित कोविड 19 उचित व्यवहार पर स्वास्थ्य अधिकारियों व मीडियकर्मियों ने की चर्चा 
सतर्कता और सुरक्षित व्यवहार से संक्रमण की रोकथाम पर दिया गया बल
लखीसराय, 27 अगस्त: वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की रो​कथाम की दिशा में हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन आम लोगों के सहयोग बिना संक्रमण के प्रसार पर लगाम लगाना संभव नहीं है। संक्रमण की रोकथाम के लिए समाज के हरेक वर्ग की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है, इस बात को सभी को समझना होगा. इस वक्त लोगों की सजगता और जागरूकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। मीडिया की भूमिका भी ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण है। उक्त बातें गुरुवार को जिला स्वास्थ्य विभाग और  सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च  (सीफार) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘कोविड 19 से बचाव के उचित व्यवहार’ विषय पर आयोजित ऑनलाइन मीडिया कार्यशाला में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार भारती ने कही। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड 19 को देखते हुए बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था मुहैया कराने की कवायद जारी है। आरोग्य केंद्रों में सुचारू रूप से सेवाएं दी जा रही हैं, साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना सहित अन्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मीडिया और सीफार की टीम ने ई-संवाद किया। 
​मास्क और सैनिटाइजर को बना लें जिंदगी का अहम हिस्सा:कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर देवेन्द्र चौधरी ने संक्रमण काल में मास्क और सैनिटाइजर की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि घर और बाहर दोनों जगह लोग मास्क का प्रयोग करें। मास्क व हाथों की स्वच्छता का विशेष ख्याल रखें। घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क और सेनिटाइजर साथ रखें. समय-समय पर हाथों को सैनेटाइज्ड करते रहें। वैसे कर्मी और मजदूर जिनके पास इन सुविधाओं का अभाव है, उन्हें उनकी संस्था द्वारा इसकी व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने कहा जिस व्यक्ति में भी संक्रमण के लक्षण नजर आए उन्हें तुरंत जाकर कोविड 19 की जांच करा लेनी चाहिए।
अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई जा रही है:वेबीनार में आइसीडीएस जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमारी अनुपमा सिन्हा ने बताया कोरोना के कारण आगंनबाड़ी बंद होने के कारण सेविकाएं घर-घर जाकर अन्नप्राशन व गोदभराई जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहीं है. ये कार्यक्रम कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है. संक्रमण के विभिन्न पहलुओं पर अभिभवकों को जागरूक किया गया है. माताओं को कोरोना काल मेंस्वयं व बच्चे को संक्रमण से बचाये रखने की जानकारी दी गयी है। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत संबधित सभी लाभाथियों का पंजीकरण और उसका लाभ देना सुनिश्चित कराये जाने संंबंधी जानकारी भी दी. 
समाज का साथ और युवाओं का जागरूक होना जरूरी:कोरोना को मात देने वाले सूर्यगढ़ा पीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया इस महामारी से समाज के पूर्ण सहयोग से ही संक्रमण की रोकथाम की जा सकती है. उन्होंने संक्रमण की रोकथाम में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने बताया लोगों तक सही जानकारी पहुंचे इसके लिए एक सोशल मीडिया ग्रूप भी बना रखा है. इस ग्रूप से लोग जुड़ कर अपने विचार भी रख रहे हैं. 
लोगों की समस्या को भी समझना है जरूरी: सीफार बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रणविजय कुमार ने वेबीनार के दौरान कोविड 19 के दौरान उचित व्यवहार पर आवश्यक जानकारियों के साथ चिकित्सकों के साथ चर्चा किया. इस मौके पर सीफार की कार्यपालक निदेशक अखिला शिवदास ने कहा संक्रमण की रोकथाम के लिए उचित व्यवहार को अपनाया जाना बहुत जरूरी है. इसके लिए स्वास्थ्य ​​विभाग, मीडिया व अन्य सहयोगी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. लोगों को निरंतर जागरूक करने के साथ साथ उनके विचार को जानने समझने के लिए भी काम करना होगा तभी वास्तिवक रूप से समस्या निष्पादन की समझ बेहतर हो सकेगी. 
टीकाकरण के लक्ष्य पर दिया जा रहा है ध्यान:यूनिसेफ एसएमसी, लखीसराय के मोहम्मद नैयर उल आजम ने बताया कि जिले में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोविड 19 के दौर में भी बच्चों को अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण के लक्ष्य पर जोर दिया जा रहा है। जो क्षेत्र कंटेनमेंट जोन से बाहर आ गए हैं वहां 14 दिनों के बाद टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सीफार बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रणविजय कुमार ने वेबिनार का संचालन करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में कोरोना रोकथाम के उचित व्यवहार पर कार्य करना बेहद जरूरी है, जिसमें  समुदाय की भागीदारी मील का पत्थर साबित हो सकती है।
इस मौके पर अपर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रंजीत कुमार, सीफ़ार मुंगेर डिवीजन के डिवीजनल कॉर्डिनेटर श्याम त्रिपुरारी सहित अन्य डिवीजन के डिवीजनल कॉर्डिनेटर व मीडिया कर्मी मौजूद थे।

लखीसराय, 27 अगस्त:

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में समाज के सभी वर्गों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की रो​कथाम की दिशा में हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन आम लोगों के सहयोग बिना संक्रमण के प्रसार पर लगाम लगाना संभव नहीं है। संक्रमण की रोकथाम के लिए समाज के हरेक वर्ग की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है, इस बात को सभी को समझना होगा. इस वक्त लोगों की सजगता और जागरूकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। मीडिया की भूमिका भी ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण है। उक्त बातें गुरुवार को जिला स्वास्थ्य विभाग और द सेंटर फोर रिसर्च एंड एडवोकेसी (सीफार) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘कोविड 19 से बचाव के उचित व्यवहार’ विषय पर आयोजित ऑनलाइन मीडिया कार्यशाला में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार भारती ने कही। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड 19 को देखते हुए बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था मुहैया कराने की कवायद जारी है। आरोग्य केंद्रों में सुचारू रूप से सेवाएं दी जा रही हैं, साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना सहित अन्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मीडिया और सीफार की टीम ने ई-संवाद किया। ​मास्क और सैनिटाइजर को बना लें जिंदगी का अहम हिस्सा:कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर देवेन्द्र चौधरी ने संक्रमण काल में मास्क और सैनिटाइजर की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि घर और बाहर दोनों जगह लोग मास्क का प्रयोग करें। मास्क व हाथों की स्वच्छता का विशेष ख्याल रखें। घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क और सेनिटाइजर साथ रखें. समय-समय पर हाथों को सैनेटाइज्ड करते रहें। वैसे कर्मी और मजदूर जिनके पास इन सुविधाओं का अभाव है, उन्हें उनकी संस्था द्वारा इसकी व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने कहा जिस व्यक्ति में भी संक्रमण के लक्षण नजर आए उन्हें तुरंत जाकर कोविड 19 की जांच करा लेनी चाहिए। अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई जा रही है:वेबीनार में आइसीडीएस जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमारी अनुपमा सिन्हा ने बताया कोरोना के कारण आगंनबाड़ी बंद होने के कारण सेविकाएं घर-घर जाकर अन्नप्राशन व गोदभराई जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहीं है. ये कार्यक्रम कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जा रहा है. संक्रमण के विभिन्न पहलुओं पर अभिभवकों को जागरूक किया गया है. माताओं को कोरोना काल मेंस्वयं व बच्चे को संक्रमण से बचाये रखने की जानकारी दी गयी है। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत संबधित सभी लाभाथियों का पंजीकरण और उसका लाभ देना सुनिश्चित कराये जाने संंबंधी जानकारी भी दी. समाज का साथ और युवाओं का जागरूक होना जरूरी:कोरोना को मात देने वाले सूर्यगढ़ा पीएचसी के स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया इस महामारी से समाज के पूर्ण सहयोग से ही संक्रमण की रोकथाम की जा सकती है. उन्होंने संक्रमण की रोकथाम में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। उन्होंने बताया लोगों तक सही जानकारी पहुंचे इसके लिए एक सोशल मीडिया ग्रूप भी बना रखा है. इस ग्रूप से लोग जुड़ कर अपने विचार भी रख रहे हैं. लोगों की समस्या को भी समझना है जरूरी:सीफार बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रणविजय कुमार ने वेबीनार के दौरान कोविड 19 के दौरान उचित व्यवहार पर आवश्यक जानकारियों के साथ चिकित्सकों के साथ चर्चा किया. इस मौके पर सीफार की कार्यपालक निदेशक अखिला शिवदास ने कहा संक्रमण की रोकथाम के लिए उचित व्यवहार को अपनाया जाना बहुत जरूरी है. इसके लिए स्वास्थ्य ​​विभाग, मीडिया व अन्य सहयोगी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. लोगों को निरंतर जागरूक करने के साथ साथ उनके विचार को जानने समझने के लिए भी काम करना होगा तभी वास्तिवक रूप से समस्या निष्पादन की समझ बेहतर हो सकेगी. टीकाकरण के लक्ष्य पर दिया जा रहा है ध्यान:यूनिसेफ एसएमसी, लखीसराय के मोहम्मद नैयर उल आजम ने बताया कि जिले में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कोविड 19 के दौर में भी बच्चों को अन्य बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण के लक्ष्य पर जोर दिया जा रहा है। जो क्षेत्र कंटेनमेंट जोन से बाहर आ गए हैं वहां 14 दिनों के बाद टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीफार बिहार के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रणविजय कुमार ने वेबिनार का संचालन करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में कोरोना रोकथाम के उचित व्यवहार पर कार्य करना बेहद जरूरी है, जिसमें  समुदाय की भागीदारी मील का पत्थर साबित हो सकती है। इस मौके पर अपर राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी रंजीत कुमार, सीफ़ार मुंगेर डिवीजन के डिवीजनल कॉर्डिनेटर श्याम त्रिपुरारी सहित अन्य डिवीजन के डिवीजनल कॉर्डिनेटर व मीडिया कर्मी मौजूद थे।

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