कोविड-19 के दौर में भी जिले में संस्थागत प्रसव का हो रहा है सफल संचालन

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-संस्थागत प्रसव से होने वाले लाभ की जानकारी देकर कर रहे हैं प्रेरित 
-जिले के सदर अस्पताल में हुए 720 संस्थागत प्रसव 
लखीसराय,04 अगस्त 2020:
कोविड-19 के दौर में भी संस्थागत प्रसव के लिए जिले की  एएनएम व आशा गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक कर रहें हैं।एवं इससे होने वाले लाभ की जानकारी देकर महिलाओं को सरकारी स्वास्थ संस्थान आने के लिए प्रेरित कर रहें हैं।दरअसल कोविड-19 को लेकर संस्थागत प्रसव में आ रही असुविधाओं को दूर करते हुए  इस कोरोना काल में  स्वासाथ विभाग ने संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता  दी है । ताकि महिलाएँ संस्थागत प्रसव के लिए सरकारी स्वास्थ संस्थान आए एवं प्रसव में किसी प्रकार की परेशानियाँ नहीं हो।इसको लेकर विभाग पदाधिकारी भी लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रहें हैं। लोगों के बीच फैलायी जा रही जागरूकता अभियान में तेजी लाने के लिए स्वास्थ कर्मियों को आवश्यक निर्देश भी दिये जा रहे हैं ताकि संस्थागत प्रसव का सुदृढ़ संचालन होता रहे ।  
संस्थागत प्रसव है सुरक्षित प्रसव
जिला सिविल सर्जन डॉ आत्मानंद राय ने बताया कि सुरक्षित प्रसव के लिए संस्थागत प्रसव जरूरी है।इसलिए संस्थागत प्रसव को हमेशा प्राथमिकता देना चाहिए।इस कोरोना काल में सरकार का गाइलाइन का पालन करते हुए प्रशिक्षित एएनएम द्वारा सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया जा रहा है।इसके लिए एएनएम व आशा अपने क्षेत्र में  घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे है।ताकि प्रसव के दौरान महिलाओं को किसी प्रकार का सामना नही करना पड़े एवं  जच्चा व बच्चे दोनों सुरक्षित रहें।करोना संकर्मण से बचाव करते हुए जिले के सदर अस्पताल में मार्च से जुलाई के बीच  720 संस्थागत प्रसव कराये गए जिसमें लखीसराय सदर एवं ग्रामीण के साथ चानन की गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।  वही बड़हीया में  अप्रैल से लेकर जुलाई तक 568 संस्थागत प्रसव कराए गये हैं । 
प्रसव के दौरान अस्पतालों में इन सुरक्षा का रखा जाता है ख्याल 
प्रसव के दौरान अस्पतालों में प्रसव कराने वाली एएनएम गल्व्स ,मास्क,फेस कवर का उपयोग करती है।एवं प्रसव के पूर्व एवं बाद लेवर वार्ड को सुरक्षा के लिहाज से पुरी तरह सेनेटाइज किया जाता है।एवं पीड़िता को भी स्वास्थ कर्मियों द्वारा वचाव को लेकर आवश्यक जानकारियाँ दी जाती है।
सोशल-डिस्टेंसिग का रखा जाता ख्याल 
प्रसव के दौरान अस्पतालों में अस्पताल कर्मी सोशल-डिस्टेंसिंग का विशेष रूप से ख्याल रखती है।एवं प्रसव के लिए आई प्रसूता को भी इसके लिए जागरूक करती है।एवं भीड़-भाड़ वाले जगह से पर परहेज करने की जानकारी दी जाती है।ताकि इस महामारी के दौर में किसी प्रकार की परेशानियाँ नहीं हो।
साफ-सफाई पर दिया जाता विशेष बल 
प्रसव के दौरान प्रसव कराने वाले स्वास्थ कर्मी लेबर रूम से लेकर महिला वार्ड समेत अस्पताल के अन्य परिसर में साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखते हैं।एवं प्रसव कराने आई महिलाओं को घर में भी साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने के लिए प्रेरित करते हैं।जैसे कि साबुन से अच्छी तरह अपने हाथों को धोकर एवं मास्क पहनकर ही नवजात शिशु को स्तनपान कराने,घरों की लगातार साफ-सफाई करने,हर दिन उपयोग होने वाली विछावन को साफ करने समेत अन्य जानकारियाँ दी जाती है।
कोरोना से वचाव की दी जाती है जानकारी
प्रसव के पूर्व एवं बाद स्थास्थ कर्मी प्रसूता को कोरोना से वचाव को लेकर नियमित रूप से मास्क पहनने,मास्क के उपरी परत को नहीं छूने,मास्क की हर दिन साफ-सफाई करने,साफ कपड़े व विछावन का उपयोग करने आदि की जानकारी दी जाती है।ताकि महिलाएँ घर जाने के बाद भी कोरोना से सुरक्षित रह सके।

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