खतरो का नया पता रामनगर?

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RAMNAGAR
रामनगर गांव में उपस्थित हरहड़ी बाबा मंदिर के विपरीत दिशा में में सड़क किनारे गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया। जल बिभाग द्वारा। जो किसी भी दिन घातक साबित हो सकता है। कई दिनों से चली आ रही पानी की समस्या को लेकर सप्लाई लाइन सुधार के लिए राम नगर में मुख्य सड़क किनारे खुदाई की गई। लेकिन सुधार कार्य के बाद गड्ढे का भराव नहीं हुआ। जिससे बड़ी भीषण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है । स्थानीय लोगो का कहना है की यह नेशनल हाइवे से बरकार मुख्य शहर को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क है जिस पर राम नगर देन्दुआ कल्याणेश्वरी सुबलपूर यहाँ तक की मैथन एरिया के लोग भी बराकार जाते है बाजार के लिए। आपातकालीन कहे या एकमात्र विकल्प लोगो के पास और कोई सड़क नहीं। जानकारी के लिए बता इस सड़क से तक़रीबन हजारो की संख्या में गाड़िया गुजरती है। आसनसोल और पुरूलिया जाने के लिए भी लोग इसी सड़क का इस्तेमाल करते है। यहाँ रामनगर और दमागोदिया दो बड़े कोलियरी है जहा काफी संख्या में मजदूर ठेका मजदूर भी काम करने आते है। जो की पि एच ई डिपॉर्टमेंट की लापरवाही से किसी घटना के इन्तजार में है की कब घटना हो और घेरा डाल कर बैठा जाय।

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ऐसे में ऐसी लापरवाही का जिम्मेदार कौन ?
वो मजदूर जो दैनिक मजदूरी करता है या ठेकेदार या फिर कम्पनी। … जवाब किसी के पास नहीं क्यों की यहाँ हर कोई गैरजिम्मेदार है।
यह पाइपलाइन Public Health Engineering Department, Govt. of West Bengal has taken this ambitious project to supply safe drinking water के अंतर्गत आता है जिसके सुधार और देखरेख की जिम्मेदारी भी इसी विभाग के पास है। इस विभाग के जल का हमेशा गुणवत्तापूर्ण रहा है लेकिन कुछ दिनों से जल सही नहीं आ रहा है। गंदे जल और पाइप लाइन के लिए जहा तहा गड्ढा खोद कर छोड़ देना डिपार्टमेंट के दामन पर दाग लगा चूका है।
जिससे शीघ्र ही सुधार जरुरत है। विभाग को चाहिए की जब भी ऐसी कार्य पने विभाग के जिम्मेदार अफसर की निगरानी में करवाये।

रामनगर की पानी की समस्या अभी तक नहीं सुलझी है गन्दा पानी की बिमारी और करौना के डर से डॉक्टर्स का ना होना क्षेत्र के लोगो के लिए सांप छूछूंदर की स्तिथि पैदा कर चुकी है।

गौर करने वाली बात यह भी है की अभी कुछ ही दिनों पहले अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने मार्ग अवरुद्ध किया था। बावजूद इसके अधिकारियों को कोई भी परवाह नहीं.

इस पर भी विभाग को ध्यान देने की आवस्यकता है।

जनता इस बात पर ध्यान दे की सड़क पी डब्ल्यू डी के अंदर आता है और पाइप लाइन पी एच ई के कल को कोई घटना हो तो जिम्मेदार कोण होगा सड़क का ठीकादार या पानी का ठीकादार?

रामनगर में कार्यरत कर्मचारियो का कहना है की हमारी किसे परवाह – कोरोना से बचे अवैध खनन से बचे या अब गंदे पानी पी कर बचे। रामनगर कब तक ऐसे उपेक्षित रहेगा।

नेतागण चुनाव के समय में हर दुःख दूर करने का वायदा करते है मगर खुदी हुई सड़क और गन्दा पानी उनको नहीं दीखता। जिसका सुधार होना बहुत जरुरी है।

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पाठको से निवेदन है की इस खबर को विभाग तक पहचाने के लिए शेयर करे।

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