लॉक डाउन का पालन अपना कर्तव्य समझ कर करें : सिविल-सर्जन

0
522
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

• सोशल डिस्टेन्सिंग  ही है कोरोना संकर्मण को भगाने का सफल रास्ता• यही समय है अपने और समाज को इस बीमारी से बचाने का  

लखीसराय-

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य को 31 जुलाई तक लॉकडाउन किया गया है. माननीय मुख्यमंत्री भी पूरे राज्य से अपील भी कर चुके है कि इस बीमारी को भगाने का सबसे कारगर रास्ता सामाजिक दूरी है बल्कि यूँ कहे की समाज मे ,बाजार मे या फिर किसी चौक – चौराहे पर कम निकले और अगर जरूरत पड़ने पर निकले भी तो लोगों से दूरी बना कर रहे और हमेशा मास्क पहनकर ही निकलें। फिलाहल की परिस्थियों के मुताबिक कोरोना से बचने के लिए इन्हीं उपायों को करने की जरूरत है. सोशल डिसटेंसिंग ही बचाव का रास्ता: जिले में भी विगत कुछ दिनों से कोरोना के मामले में वृद्धि हुयी है. इसके मद्देनजर जिला एवं स्वास्थ्य प्रशासन मुस्तैदी से कार्य भी कर रहा है. जिला सिविल सर्जन डॉ आत्मानन्द राय ने ने बताया  कोविड-19 का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलता है. इस बीमारी से निजात पाने एवं संक्रमण पर रोकथाम के लिए सोशल डिसटेंसिंग महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी लॉकडाउन का सख्ती से पालन करें. यह सिर्फ किसी एक आदमी की सुरक्षा का सवाल नहीं हैं, बल्कि जिले के सभी लोगों की सुरक्षा इससे जुडी है. उन्होंने बताया किसी एक वयक्ति की लापरवाही से उनके संपर्क में आये कई अन्य लोग भी कोरोना के चपेट में आ सकते हैं. इसलिए यह सबों के लिए जरुरी है कि लोग शत-प्रतिशत सोशल डिसटेंसिंग का अनुपालन करें. बिना किसी जरूरी कार्य के घर से निकलने में परहेज करें. जब भी घर से बाहर निकलें तो मास्क का इस्तेमाल जरुर करें. उन्होंने बताया यदि किसी में भी संक्रमण का लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या हेल्प लाइन नंबर पर संपर्क करें. किसी भी परिस्थिति में अपने लक्षणों को अनदेखा नहीं करें ताकि आपके साथ आपके परिवार के लोग संक्रमित होने से सुरक्षित रहें. भेदभाव नहीं करें, भ्रांतियों से बचें:कोरोना संक्रमण काल में कोई भी संक्रमित हो सकता है. इसलिए संक्रमित लोगों के प्रति अपनी सोच में बदलाव लायें. कोरोना से लड़ रहे व्यक्ति, स्वास्थ्य कर्मी या पुलिस किसी से भी मानसिक दूरी न बनायें. उनके प्रति नकारत्मक सोच नहीं रखें. कोरोना को हरा कर जंग जीतने वाले लोगों से किसी भी तरह से घबराने की कोई जरूरत नहीं है. संक्रमण ठीक होने के बाद उनके संपर्क में आने पर आप संक्रमित नहीं हो सकते. वैसे ही कोरोना योद्धाओं का सम्मान करें जो अपनी जान की परवाह किये लोगों की सेवा करने में दिन-रात जुटे हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से दूरी बनाकर रखें. ऐसी जानकारियों को सच नहीं माने जिसकी पुष्टि किसी विश्वसनीय स्रोत से नहीं की गयी हो

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here