महिला स्पेशल-बचके रहे ऐसे साइको से।

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१२ में से ६ बचा ली गयी कामरुज्जन के निशाने से
नाम कामरुजन सरकार उम्र ४२ वर्ष।
सनकी कातिल कमरुज्जन को मिली सज़ा ऐ मौत।
भाई अनारूल इस्लाम पत्नी दो बेटे १ बेटी।
मुर्शीदाबाद का मासूम कमरुज्जन कहानी।
सुजान नगर का हत्यारा।
दो बेटे और एक बेटी एवं पत्नी और सास के साथ रहता था पूरा परिवार।
स्क्रैप का धंदा करता था कामरूप
अकेली महिला को करता था टारगेट।
हत्या और बलात्कार का आरोपी।
पुलिस कस्टडी में बिता चूका १२ दिन।
दोपहर को बिजली मीटर चेक करने के बहाने घर में घुसता था
जांच के मुताबिक शक है की वो २०१३ से इस तरह के अपराध कर रहा हैं।
पुतुल मांझी गोरा गांव २१ मई
पुष्पा दास अनुखल गांव जन्वरी २७।
रीता रॉय ४अप्रिल रॉय
ममता किस्कु मेमारी थाना
हर अपराध में पुलिस को ग़ुमराह करने का एक ही तरीके ने पुलिस को धयान सीरियल किलर की तरफ मोड़ा।

खबरों के मुताबिक कम्सुज्जन सरकार अकेली महिला को निशाने में लेता था कांड से पहले करता था पूरी जानकारी
फिर मौका पाकर अकेली महिला के घर में घुसकर करता था बलात्कार साबुत मिटआने के लिए कर देता हत्या। और घर की साडी कीमती बस्तुओ पर करता था हाथ साफ़

हत्या के लिए चैनमें के नाम से बिख्यात कमरुजां सरकार पहले एक ख़ास किस्म का लोहे के चैन का करता था इस्तेमाल। चैन से गाला घोटने के बाद आराम से घर लूट लिया करता था।

उसे महिलाओ से खास नफरत थी ऐसा कहना है लोगो का। उसे शौक था महंगे कपड़ो और नयी गाड़ियों का।
कुछ इसी तरह से उसने कालना महकमे के अंदर ६ महीने में ६ घटनाओ को अंजाम दिया।

पुलिस परेशान थी राजनैतिक और लोकल स्तर पर दबाव बढ़ता चला जा रहा था किसी को कोई साबुत नहीं मिल रहा था पुलिस इस अपराधी को हर हाल में पकड़ना चाह रही थी
क्युकी कमरुज्जन सर्कार एक शांत दिखनेवाला आदमी था इसपर शक करना मुश्किल था पूरा चैत्र भी यह यकीं नहीं क्र पा रहा था की कमरुज्जन सरकार ऐसा क्र सकता है लेकिन वो हत्यारे को गिरफ्त में देखना चाहते थे इसलिए कोई बिरोध नहीं किया।

कमरुज्जन के दादा अनारूल इस्लाम ने कहा उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं हलाकि १५साल पहले बरुआ थाना के पञ्चोपंथी में उसकी दादी हुई थी
हत्यारे की खाश पहचान लाल रंग की बाइक और हेलमेट थी जो हत्या के समय पहले उस इलाके में दिखती थी लेकिन हत्या के बाद नहीं इसी आधार पर पुलिस ने उसे ३जुलाई को अरेस्ट किया

एक के बाद एक क्रूर हरताओं के लिए उसे दोषी पाया गया। इसलिए अदालत ने उसे सजा ऐ मौत सुनाई

क़ानूनी धारा
सरकार पर भारतीय दंड बिधान अधिनियम के तहत क़ानून की धरा।
हत्या के लिए ३०७।
हत्या के प्रयास ३०७ और
रेप के ३७६ की धारा लगाई गयी है।
उसने साल २०१३ से अबतक १५से ७५ वर्ष की महिलाओ को अपना निशाना बनाया।

आरोपी के वकील सुभ्रा रॉय ने मुवक्किल की दिमागी हालत का हवाला देते हुए मेडिकल की मांग की एवं पुलिस पर जांच पूरी न कर पाने का आरोप लगाया।
आरोपी पर यह आरोप २०१३ से २०१९ तक के बिच का हैं जानकारी के मुताबिक आरोपी को किसी मौलवी ने लाल रंग का लक्की हों बताया तभी से वह हर चीज लाल रंग का खरदिता और बाइक एवं हेलमेट भी उसनेलाल ही ख़रीदा था।

कलना अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश तपनकुमार मंडल ने हत्यारोपी कमरुज्जमान की सजा सुनाई।

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