कानून और विकास दुबे

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सुबह होते ही राजनीति अपना रंग बदल चुकी थी। बिपक्ष इस एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार को ‘रोगी सरकार’ और उत्तर प्रदेश को ‘हत्या प्रदेश’ जैसे नारे देने लगे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी समेत तमाम छोटी बड़ी सभी विपक्षी भारतीय जनता पार्टी पर पिल पड़ते है।
तलाश में एसटीएफ की 8 टीम समेत पुलिस की 100 टीम लगाई गई।
विकास दुबे पर 1 lakh इनाम रखा गया।
डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने विकास समेत 35 लोगों के खिलाफ हत्या और हथियारों की लूट का केस दर्ज कराया गया है।
यूपी का बॉर्डर सील, नेपाल के रास्ते पर चौकसी बढ़ाई
शुक्रवार सुबह पुलिस ने मामा समेत दो को मुठभेड़ में मार गिराया था।
संपत्ति और बैंक खातों को खंगाल रही पुलिस
सूत्रानुसार उसने परिजन समेत रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति बनाई है। गांव में ही डेढ़-दो सौ बीघा खेतीलायक जमीन है और कानपुर में 30 से विवादित प्लाटों पर कब्जा है।
शनिवार को विकास का घर और वाहन कुर्क किए, उसके पास 100 करोड़ रुपए की सम्पत्ति होने का अंदेशा।
तलाश में 100 पुलिस टीमें लगी हैं। इनमें 8 एसटीएफ की टीमें हैं। अब तक लखनऊ, कन्नौज, सोनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, सहारनपुर और बांदा में छापे मार गए हैं।
एसटीएफ को नेपाल बॉर्डर तक अलर्ट किया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (DGP) हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया कि आला अधिकारी मौके पर हैं. पुलिस कई टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं. साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स को विकास दुबे के पीछे लगाया गया है. फॉरेंसिक टीम को मौके से खोखे भी मिले हैं. जिससे देखकर निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि बदमाशों ने पुलिस के खिलाफ किसी सोफिस्टिकेटेड वेपन का इस्तेमाल किया है.
पुलिस ने गांव से दर्जनों लोगों को हिरासत में लेकर हमले के मास्टर माइंड विकास के बारे में पूछताछ जारी है।
छ सौ मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए है।

गांव और आस-पास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। करीब 2 दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस की फोरेंसिक टीम भी छानबीन कर रही है।

विकास के काले कारनामे
१९९१-गांव के झुन्ना बाबा की हत्या कर जमीन कब्जा।
(शिबली पंचायत) लल्लन बाजपेयी से विकास दुबे की पुरानी दुश्मनी थी विकास ने बाजपेयी पर 2002 में कराया था बम व गोलियों से हमला, तीन के उड़ गए थे चीथड़े11 लोगों ने बम और गोली से किया था अटैक।
१९९२- प्रॉपर्टी विवाद में छुन्नालाल को गोलियों से भून डाला था।
२०००- में चालीस बीघा जमीन के लिए ताराचंद इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल सिद्देश्वर पांडेय की हत्या की।
2001- भाजपा नेता संतोष शुक्ला (राज्यमंत्री और श्रम संविदा बोर्ड का चेयरमैन )को वर्चस्व व राजनीतिक रंजिश में शिवली थाने के भीतर घुसकर गोली मारी। संतोष शुक्ला हत्या के अलावे उसके खिलाफ 60 केस दर्ज हैं।
2004 -केबल व्यवसायी दिनेश दुबे हत्या ।
2018 -चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला।लगभग सभी राजनीतिक दलों में विकास दुबे की पहुच है।
2002 – मायावती के मुख्यमंत्री रहते हुए विकास दुबे ने बिल्हौर, शिवराजपुर, रिनयां, चौबेपुर के अलावे कानपुर नगर के जमीनों पर अवैध
कब्जे किए और काफी संपत्ति बनाई । विकास दुबे ने जेल में रहते हुए शिवराजपुर से नगर पंचायत का चुनाव भी जीता था।

विकास हथियारों और गाड़ियों का शौकीन था।
गैंग में ज्यादतर गांव क युबक और कुछ बहरी शार्प शूटर बतौर बॉडीगार्ड २५-४० लड़के अत्याधुनिक हथियारों से लैस।
काम जमीनों पर कब्जा करवाना फैक्ट्रियों से रंगदारी वसूलना।
पश्चिमी यूपी के सहारनपुर में विवादित जमीन मामले में झगड़ा होने पर उसका पैर टूट गया था। उसके पैर में रॉड डाली गई थी। जिससे वह दौड़ तो दूर आधा नही चल सकता है।

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