BIKASH DUBEY

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Gangster Bikash Dubey
Wanted bikash dubey in 8 police man killing case

बिकाश के बिरुद्ध मामले।


उसके खिलाफ 71आपराधिक मुकदमे दर्ज है।
हत्या या हत्या की कोशिश में 20,
गैगंस्टर एक्ट में 15,
दंगों के 19,
एनडीपीएस के २
और एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी लग चुका है।

बीएसपी नेता और पूर्व प्रत्याशी अनुभव चक का कहना है कि चाहे लोकसभा हो या विधानसभा हर राजनीतिक दल के उम्मीदवार को जित का फैसला विकास दुबे करता थ। गांव वाले उसे पंडित जी कहते थे वह पूरे गांव का ख्याल रखता था । किसीकी बेटी की शादी बच्चे की पढाई शौचालय दवा जैसी जरूरतों का ख्याल रखता था गांव की औरते उसके सामने सम्मान से घूँघट डाल कर रखती थी। गांव के लड़को और लोगो को उनके काम ढूढ़ने में मदद भी करता था। जिससे गांव वाले उसकी इज्जत करते थे। उसके गांव में कई जातीया रहती थी मगर जातिवाद के चक्कर में वह किसी को परेशान नहीं करता था।

2-3 जुलाई2020. स्थान- उत्तर प्रदेश स्थित कानपुर के बिठूर इलाके का बिकरू गांव- विकास दुबे को पुलिस गिरफ्तार करने पहुंचती है गांव में घुसते ही पुलिस बलों को बीच सड़क पर एक जेसीबी रास्ते रोके खड़ी दिखती है। पुलिस जब तक इस माजरे को समझ पाती- तब तक विकास दुबे के गैंग फायरिंग करने लगते है।

मुठभेड़ में मारे गए पुलिसकर्मी।
सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा,
एसओ महेश यादव,
चौकी इंचार्ज अनूप कुमार,
सब इंस्पेक्टर नेबुलाल
कॉन्स्टेबल सुल्तान सिंह,
राहुल,
जितेंद्र और बल्लू शहीद हो जाते है।
पुलिसकर्मियों से एके-47 राइफल, इंसास राइफल और पिस्टल समेत गोलियां लूट ली गयी।

सूत्रों की मानें तो सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्याकांड के पीछे मुखबिरी होने की बात सामने आ रही है। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पहले से ही मालूम हो गया था कि दबिश की डिटेल विकास के पास थी। बदमाशों को पता था कि पुलिसवालों के पास कौन कौन से हथियार होंगे। यही वजह थी कि बदमाश ने घर के सामने जेसीबी खड़ी कर पुलिस का रास्ता रोक दिया था। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों से चूक हुई है। इसकी जांच की जाएगी।
जेसीबी लगाकर रास्ते को सील किया, लाठी-डंडे, अवैध हथियार लेकर खड़े थे बदमाश
गांव में 100 मीटर दायरे में पड़े खून के धब्बे बयां कर रहे वारदात की कहानी
दैनिक भास्कर
50 से ज्यादा राउंड चली गोलियां, जगह जगह पड़े खून के धब्बे
घर के आसपास100 मीटर की दूरी तक खून के धब्बे
*लोगोंका कहना हैकिउन्होंने सिर्फ फायरिंग की आवाज सुनी।
कब क्या-क्या हुआ-
12:30-1:00 के बीच-सीओ देवेंद्र मिश्रा के अगुवाई में पुलिस बिकरु पहुंची। रास्ते में जेसीबी होने के कारन पुलिस पैदल आगे बढ़ना पड़ा।
1.१५- घर के पास पुलिस पहुंची गई।जहां पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया गया था।
1.30-बदमाशों और पुलिस के बीच फायरिंग शुरू हो गई।
2.15-फायरिंग और अंधेरे का मौका उठा कर विकास अपने साथियों के साथ भाग गया।
3:15 – मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मियों को लेकर पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। जहां पर 8 पुलिसकर्मियोंको मृत घोषित कर दिया गया।
4:00-करीब 24 थानों की फोर्स, पीएसी फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉयड मौके पर पहुंची।

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