हजारीबाग में जमीन की अवैध खरीद बिक्री के मामले में जिला प्रशासन कि कार्रवाई ।

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हरहद मौजा के लगभग 200 और चानो मौजा के लगभग 35 एकड़ जमीन की खरीद बिक्री मे गड़बडी का मामला
खरीदारों को उपायुक्त न्यायालय में पक्ष रखने का निर्देश
सार्वजनिक नोटिस, केवाला खारिज होने की संभावना

हजारीबाग में जमीन की अवैध खरीद बिक्री के मामले में जिला प्रशासन कि कार्रवाई । उपायुक्त न्यायालय सार्वजनिक रूप से नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त न्यायालय से जारी किए नोटिस के तहत खरीदारों को अपने पक्ष रखने के लिए कहा गया। यह मामला हजारीबाग सदर अंचल के हरहद मौजा थाना संख्या 117 खाता नंबर 172 प्लॉट संख्या 2367, 2666 एवं 2368 में करीब 200 एकड़ की भूमि की खरीद बिक्री से संबंधित है। इस संबंध में कहा गया है कि उपरोक्त अधिसूचित वन भूमि के फर्जी तरीके से खरीद बिक्री से संबंधित व्यक्तियों को जिला अवर निबंधक हजारीबाग के कार्यालय से 21 जनवरी 2019 को तथा ज्ञापांक 171 दिनांक 31 जनवरी 2019 को अखबारों में विज्ञापन देकर चार फरवरी तक उपायुक्त के न्यायालय में सभी साक्ष्य के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करने का नोटिस निर्गत किया गया था,
लेकिन कोई नहीं पहुंचा। ज्ञापांक 304 विधि 23 फरवरी को समाचार पत्र के माध्यम से नोटिस निर्गत किया गया, लेकिन फिर भी संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष रखने हेतु उपस्थित नहीं हुए। अंतत उपायुक्त के न्यायालय द्वारा 26 अपै्रल को जारी आदेश के आलोक में 17 मई को पूर्वाह्न 11 बजे उपायुक्त के न्यायालय में उपस्थित होकर पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है।

हरहद में 26 लोगोें को नोटिस भेजा गया है। खुलासा होने के बाद आयुक्त ने उपायुक्त, एसडीओ, एसआरडीसी एवं सीओ सदर के साथ बैठक कर अवैध ढंग से करीब 200 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री को खारिज करने का काम किया गया था। अनुमान है की पक्ष नहीं रखे जाने पर सभी रजिस्ट्री को रद्द किया जा सकता है।

इसी प्रकार सदर अंचल के मौजा चानो एक थाना नंबर 148 के खाता नंबर 18 प्लॉट नंबर 33 से संबंधित भूमि का क्रय भी 49 व्यक्तियों द्वारा करीब 39 एकड़ जमीन अवैध रूप से खरीदी गयी। कहा गया कि यह उपरोक्त जमीन डीयूमिशन के नाम से दर्ज है। रेवरेन वीवीवास्के द्वारा उपरोक्त जमीन अवैध तरीके से बेची गयी, जबकि वे इसके बेचे जाने के लिए सक्षम नहीं थे।

उपायुक्त न्यायालय ने 23 अपै्रल को निर्णय लेते हुए सभी 49 खरीददारों को 17 मई को पूर्वाह्न 11 बजे तक उपायुक्त न्यायालय में उपस्थित होकर साक्ष्य रखते हुए अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस मामले में भी संबंधित व्यक्तियों द्वारा नोटिस तथा निर्देश दिए जाने के बावजूद उपायुक्त न्यायालय में पक्ष रखे जाने की सूचना नहीं है। समझा जाता है कि जमीन की अवैध खरीद बिक्री होने के कारण संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष रखने से बच रहे हैं। ऐसे में पक्ष नहीं रखे जाने पर उपरोक्त सभी रजिस्ट्री डीड रद्द किए जाने का आदेश लिया जा सकता है। उपायुक्त न्यायालय के इस निर्णय से जमीन के अवैध खरीददारों एवं बिक्री करने वालों में हड़कंप मचा है।

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